My Mother, Madhu Rani Sarjan standing on stage with Manyawar Kanshiram Ji as President of Andheri Vidhan Sabha in Bahujan Samaj Party's Mumbai program (Approx. 2002). ये किस्सा अँधेरी विधान सभा, वर्सोवा- प्रोग्राम का है। जहाँ साहब को महाराष्ट्र के लोगों ने ढाई लाख का चेक दिया थ। इस पर साहब ने व्यंग्य के अंदाज़ में कहा था, कि ''मुझे महाराष्ट्र के लोगों पर भरोसा नहीं है। ये चेक, अगर क्लियर होगा, तो मैं समझूंगा कि ये चेक है, वरना कागज़ का टोटा है, टोटा'', अर्थात ' कागज का टुकड़ा है, टुकड़ा', इस पर सभा हंस पड़ी थी।फिर साहब ने आगे कहा था कि,"महाराष्ट्र के लोगों ने, बाबासाहेब को खदेड़ते, खदेड़ते बंगाल भेज दिया था और मुझे खदेड़ते, खदेड़ते, उत्तर प्रदेश भेज दिया, तो मैने, उत्तर प्रदेश में जा सरकार बनायी।"
साहब कांशीराम जी की कर्मभूमि महाराष्ट्र थी,परन्तु दुखद और सौभाग्य ये है कि, उनकी बातों को उत्तर प्रदेश की जनता ने जल्दी समझा और भारत कि पहली बहुजन सरकार बनी और चली।




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